संलग्नीकरण समाप्ति : अब मंडराया कार्यालयीन संकट पाँच बी आर सी सी एक आदेश में मुख्यालय वापस।
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के शिक्षा विभाग ने उच्च कार्यालय के आदेश के पालन में जहा विभिन्न कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों के संलग्नीकरण समाप्त कर वापस मूल पदस्थापना में वापस भेज दिया जिसके चलते जिले के पांचों ब्लॉक के बीआरसीसी कार्यालय बिना प्रभारी के हो गये हैं वहीं समग्र शिक्षा विभाग का जिला कार्यालय व जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यालयीन संकट मंडरा रहा।
जिले में प्रशासनिक संकट बढ़ने से इसका असर कार्यालयीन कार्यों पर पड़ने के आसार हैं जिन 17 शिक्षकों जिनमें लिपिक भृत्य शामिल रहे उन्हें एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया हैं जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना हैं।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति समग्र शिक्षा विभाग में हैं जहा सर्वाधिक शिक्षक संलग्न रहे वर्षों से अधिकारी बन कर ठाट से रहे वे अब चाक पकड़ कर बच्चों के भविष्य गढ़ेंगे वैसे सरकार ने उनको जिस कार्य के लियॆ नियुक्त किया ट्रेनिंग दी वेतन दे रही थी उसके विपरीत बाबू गिरी में मस्त थे ।
जुगाड़ खोज वापसी करने की जुगत में लगे कर्मचारी
दूसरी तरफ आफिस में बैठ कर अधिकारीयों के दायें – बायें कदम ताल करने वाले शिक्षक लिपिक को उम्मीद हैं की ऐसे आदेश कुछ दिन प्रभावी रहते हैं फिर ऊपर से जुगाड़ लगा कर वापसी कर लेंगे कार्यालय का रौब और मजा छीन जाने के बाद दौड़ भाग कर वापसी करने का सपना पाल कर उम्मीद में लगे हैं किसी तरह संलग्नीकरण की जगह प्रतिनियुक्ति करवा कर कार्यालय की मलाई चापते रहे।
कुछ दागी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्ति को लेकर सुगबुगाहट तेज
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे दागी किस्म के शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति बता कर मूल संस्था में वापसी नहीं हो पायी जिस पर अब सत्तापक्ष विपक्ष और शिक्षको में गुस्सा फुट रहा देर सबेर वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे इन दाग दार लोगो के विरुद्ध आक्रोश फुट सकता हैं।


