Chhattisgarh News

सहकार से बड़े से बड़ा काम हो जाता है आसान : विष्णु देव साय मुख्यमंत्री प्रदेश स्तरीय कृषि सहकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का किया सम्मान


Notice: Undefined index: mode in /home/dakhalchhattisga/public_html/wp-content/plugins/sitespeaker-widget/sitespeaker.php on line 13

सहकार से बड़े से बड़ा काम हो जाता है आसान : विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री प्रदेश स्तरीय कृषि सहकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में हुए शामिल

सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का किया सम्मान


रायपुर 07 जुलाई 2024// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सहकारिता के महत्व को समझा और देश के गांव-गरीब और किसानों के उत्थान के लिए सहकार से समृद्धि का आह्वान करते हुए पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सहकारिता का ग्रामीणों और किसानों के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि भारत में सहकार की बहुत पुरानी परंपरा है। बड़े से बड़ा काम सहकार से आसानी से पूरा हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक क्रांति लाने में भी सहकारिता ने बड़ी भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित प्रदेश स्तरीय कृषि सहकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने ड्रोन दीदियों से मुलाकात कर ड्रोन का प्रदर्शन देखा और उनकी हौसला अफजाई की। कार्यक्रम में सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सहकार हमेशा से हमारे संस्कार में मौजूद है। एक-दूसरे का सहयोग करते हुए हमारे देश ने प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में भी सहकारिता ने बड़ी भूमिका निभाई है। छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का भुगतान, गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध कराना, आदिवासी क्षेत्रों में लघुवनोपजों की खरीदी और तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक का भुगतान भी सहकारिता के माध्यम से किया जा रहा है। सहकारिता से आज आर्थिक समृद्धि के रास्ते खुल रहे हैं।

श्री साय ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सहकार से जुड़ी बहुत सी स्मृतियां साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में लोग एक दूसरे के काम में सहयोग के लिए स्वतः आगे आ जाते थे और सब अपनी क्षमता के अनुरूप मदद करते थे। सहकार के बीच हम सभी पले बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता को समर्पित इस कार्यक्रम में आपने पिछले दो दिनों में बहुत कुछ सीखा होगा। इन दो दिनों में विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी होगी जिसका लाभ आपको आने वाले समय में निश्चित रूप से मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आज ड्रोन दीदियों से मुलाकात हुई। उन्हें ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण मिला है और अब भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी में इसका प्रशिक्षण लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का बड़ा संकल्प लिया है। लखपति दीदियों में ड्रोन दीदियां भी शामिल है। ड्रोन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाएं नई शुरुआत करते हुए लखपति बनने की राह पर बढ़ चुकी हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित सभी को शुभकामनाएं दी।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बिना सहकार से सरकार, बिना संस्कार के सहकार और सहकार के बिना समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सहकारिता की शक्ति और सहयोग से आज प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार है। छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को भुलाया नहीं जा सकता। सहकारिता आंदोलन से जुड़े लोगों ने गरीबों , किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने का काम किया है। छत्तीसगढ़ को सक्षम और उन्नत बनाने के लिए सहकारिता से जुड़कर काम करने की जरूरत है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सहकारिता में सहभागिता भी जरूरी है। सभी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे तो इससे स्वयं और समाज की समृद्धि अवश्य होगी।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मेरे लिए यह खुशी की बात है कि सांसद चुने जाने के बाद सहकारिता के कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला है उन्होंने सभी को रथ यात्रा की शुभकामनाएं दी सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के उदाहरण मौजूद हैं इस दिशा में और कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता की भूमिका को लेकर सुझाव भी दिए।

इस मौके पर पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, आईजीकेवी के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. मुकेश वर्मा, श्री लक्ष्मीकांत द्विवेदी, श्री करुणानिधि यादव, श्री प्रीतपाल बेलचंदन, श्री राधेश्याम जलक्षत्री और श्रीमती शताब्दी पाण्डेय मौजूद रही।


There is no ads to display, Please add some
alternatetext
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top

You cannot copy content of this page

$(".comment-click-50158").on("click", function(){ $(".com-click-id-50158").show(); $(".disqus-thread-50158").show(); $(".com-but-50158").hide(); });
$(window).load(function() { // The slider being synced must be initialized first $('.post-gallery-bot').flexslider({ animation: "slide", controlNav: false, animationLoop: true, slideshow: false, itemWidth: 80, itemMargin: 10, asNavFor: '.post-gallery-top' }); $('.post-gallery-top').flexslider({ animation: "fade", controlNav: false, animationLoop: true, slideshow: false, prevText: "<", nextText: ">", sync: ".post-gallery-bot" }); }); });