केंद्र सरकार ने पहली बार माना है कि इन-सर्विस शिक्षकों को TET में दिक्कत हो रही है और अब TET के पूरे नियम की समीक्षा हो गी
*TET पर बड़ी राहत के संकेत: शिक्षा मंत्रालय ने TET फ्रेमवर्क की व्यापक समीक्षा शुरू की।
*नई दिल्ली / रायपुर, 16 सितंबर 2026।* सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्य करने के फैसले के बाद देश भर के सेवारत शिक्षकों में फैली चिंता के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने आज 16 सितंबर को एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर Teacher Eligibility Test (TET) की व्यापक समीक्षा और वैधानिक ढांचे के मूल्यांकन का प्रस्ताव किया है।

मंत्रालय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले और 29 मई 2026 के आदेश जिसमें समयसीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई गई थी, के बाद उसे विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठनों से व्यावहारिक कठिनाइयों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यावेदन मिले हैं।
*समीक्षा के 5 मुख्य बिंदु:*
1. *Eligibility Norms की समीक्षा:* TET की वर्तमान योग्यता शर्तों का परीक्षण ताकि शैक्षिक गुणवत्ता और नौकरी की निरंतरता में संतुलन बनाया जा सके।
2. *सेवारत शिक्षकों को राहत:* पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए कम से कम व्यवधान वाला रास्ता निकालना।
3. *नियमित परीक्षा चक्र:* सभी राज्यों को निर्देश कि TET साल में दो बार नियमित रूप से आयोजित हो।
4. *हितधारकों से सलाह:* राज्य सरकारों, NCTE और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ बैठक कर सहमति बनाना।
5. *कानूनी समीक्षा:* RTE एक्ट जैसे कानूनों में संशोधन की तकनीकी संभावना तलाशना ताकि ट्रांजिशन आसान हो।
मंत्रालय ने सभी राज्य शिक्षा अधिकारियों और नोडल एजेंसियों से *30 दिनों के भीतर डेटा-आधारित सिफारिशें और फीडबैक* भेजने को कहा है।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर आज ही NCTE के साथ शिक्षक संघों की बैठक भी हुई है जिसमें सिलेबस और पासिंग मार्क्स में बदलाव का आश्वासन दिया गया है b443


