तिमाही परीक्षा से दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्र
कक्षा पहली से पांचवीं तक हिंदी के प्रश्नपत्रों की PDF शनिवार सुबह प्रसारित
शिक्षा विभाग की गोपनीय व्यवस्था पर सवाल
रिपोर्ट:-नरेंद्र तिवारी
छुरा/ गरियाबंद जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पहली से पांचवीं तक की तिमाही परीक्षाएं 21 सितंबर से शुरू होनी हैं। परीक्षा के पहले दिन हिंदी विषय का प्रश्नपत्र होना बताया जा रहा है। इसी बीच परीक्षा शुरू होने से महज दो दिन पहले, शनिवार 19 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे कक्षा पहली से पांचवीं तक हिंदी विषय के प्रश्नपत्रों की पीडीएफ फाइल सोशल मीडिया पर प्रसारित होने का मामला सामने आया है। इससे परीक्षा की गोपनीयता और शिक्षा विभाग की प्रश्नपत्र वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कक्षा पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं के हिंदी विषय के प्रश्नपत्रों की पीडीएफ फाइल प्रसारित हुई। यदि वायरल प्रश्नपत्र वही हैं, जो 21 सितंबर को होने वाली तिमाही परीक्षा में विद्यार्थियों को वितरित किए जाने हैं, तो यह परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। हालांकि वायरल दस्तावेज वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले की जानकारी लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश साहू तथा जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा, गरियाबंद शिवेश शुक्ला से फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया। फोन पर संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद दोनों अधिकारियों के व्हाट्सऐप नंबर पर वायरल प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट भेजकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।
सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विनोद सिन्हा ने बताया—‘सामान्य टेस्ट है’
इधर, शनिवार शाम करीब चार बजे सहायक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विनोद सिन्हा ने फोन कर मामले में विभाग का पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने उन्हें फोन पर नवप्रदेश संवाददाता से बात कर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। श्री सिन्हा के अनुसार, “यह सामान्य टेस्ट है। समन्वयक ने किसी को प्रिंटिंग के लिए दिया होगा, तो वायरल हो गया। यह गंभीर विषय नहीं है।”
विभागीय अधिकारी के इस स्पष्टीकरण के बाद अब सवाल यह है कि यदि प्रश्नपत्र केवल सामान्य टेस्ट के लिए दिए गए थे, तो कक्षा पहली से पांचवीं तक के हिंदी विषय के प्रश्नपत्र परीक्षा से दो दिन पहले सोशल मीडिया तक किस माध्यम से पहुंचे और क्या यही प्रश्नपत्र 21 सितंबर को विद्यार्थियों को दिए जाने हैं।
गोपनीयता की प्रक्रिया पर उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की पीडीएफ सोशल मीडिया ग्रुप तक कैसे पहुंची। यदि प्रश्नपत्र केवल प्रिंटिंग के लिए किसी संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था को उपलब्ध कराए गए थे, तो उनकी डिजिटल प्रति सार्वजनिक माध्यम तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच भी जरूरी है।
यह भी जांच का विषय है कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग, संकुल अथवा विद्यालय स्तर तक पहुंचाने की प्रक्रिया में किन-किन लोगों के पास प्रश्नपत्र की प्रति उपलब्ध थी। यदि वायरल दस्तावेज और आगामी परीक्षा में उपयोग होने वाले प्रश्नपत्र एक ही पाए जाते हैं, तो विभागीय स्तर पर इसकी जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता होगी।
संकुल स्तर से वायरल होने की चर्चा
सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र प्रसारित होने के बाद चर्चा है कि छुरा ब्लाक के दुल्ला संकुल स्तर से प्रश्नपत्र प्रिंटिंग अथवा अन्य प्रक्रिया के लिए उपलब्ध कराया गया होगा और वहीं से उसकी पीडीएफ सोशल मीडिया तक पहुंची। हालांकि इस संबंध में अभी विभाग की ओर से किसी व्यक्ति अथवा स्तर को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। इसलिए वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं इसकी सूचना जिला शिक्षाअधिकारी राजेश चंद्राकर को होने पर 21सितंबर को होने वाली कक्षा 1ली और पांचवीं का पेपर स्थगित कर दिया गया हैं।


