रायपुर। आईएएस राजेश सिंह राणा सचिव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा दिनांक 20.05.2026 को मंत्रालय, महानदी भवन में विभागीय अधिकारियों बैठक ली गई। बैठक में ग्रामोद्योग संचालनालय रेशम प्रभाग, छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड, छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ, विभाग के अधिकारी तथा मार्केटिंग कन्सल्टेन्ट, एवं डिजाईनर उपस्थित थे।
बैठक में सचिव, ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बस्तर डिवीजन में ईरी टसर उत्पादन की संभावनाओं के संबंध में अध्ययन कर प्रस्ताव करने, धागाकरण के तहत बाजार की उपलब्धता के आधार पर उपयुक्त क्षेत्रों को चिन्हित कर नये समूह तैयार करने, महिला स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार किये जाने वाले सर्वश्रेष्ठ उत्पादों की बिकी हेतु रखे जाने, प्रत्येक उत्पाद का ब्रांडिंग / पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने, उत्पादों को ऑनलाईन प्लेटफार्म पर (Amazon,meesho flipkart)ऑनबोर्ड करने आदि के निर्देश दिये गये।बस्तर में रोजगार के लिए ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प के माध्यम से विशेष बल देने के भी निर्देश दिए।साथ ही वित्त विभाग के निर्देश एवं मान, प्रधानमंत्रीजी की मंशा के अनुरूप वाहनों पर होने वाले व्यय को कम करने के निर्देश दिये। केन्द्र सरकार से आगामी जून माह में नेशनल फाईबर मिशन प्रारंभ किये जाने की योजना है। इस हेतु कपोक के पौधरोपण के लिये छत्तीसगढ़ राज्य में जलवायु अनुकूल है, अतएव इस संबंध में अध्ययन कर संभावनाओं के आधार पर नये क्षेत्रों को रेशम प्रभाग द्वारा चिन्हित करने के निर्देश दिये गये।
दुर्ग / रायपुर जिले में सप्ताह में कम से कम दो दिन ग्रामोद्योग विभाग के उत्पादों का विक्रय वेन कम्पैनिंग के माध्यम से किये जाने तथा इस हेतु दो वाहन किराये पर लेकर खादी बोर्ड, हस्तशिल्प बोर्ड, माटीकला बोर्ड एवं हाथकरघा संघ के उत्पादों का उचित स्थलों पर बिकी एवं प्रचार-प्रसार करने का सुझाव सचिव ग्रामोद्योग द्वारा दिया गया। गुजरात में संचालित ‘हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी’ कार्यक्रम की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य में भी पहल करने तथा विभाग द्वारा और क्या-क्या नये Innovations पर कार्य किये जा सकते है तथा नयी योजनायें तैयार कर लागू किये जा सकते हैं, इनका प्रस्ताव प्रस्तुत करने अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को उनके यहां संचालित सेवाओं में 5 नयी सेवाओं को जोड़े जाने के भी निर्देश दिये गये।
बैठक में मार्केटिंग कन्सल्टेंट व डिजाईनरों द्वारा ग्रामोद्योग विभाग के उत्पादों की बिकी, उनकी डिजाईनिंग, पैकेजिंग व ब्रांडिंग आदि के संबंध में अपने सुझाव दिये गये जिस पर सचिव, ग्रामोद्योग द्वारा योजना तैयार करने के निर्देश दिये गये।


