रायपुर: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन किया। जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में पदस्थ वीरता पदक से अलंकृत पुलिस जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के शौर्य और बलिदान ने बस्तर के इतिहास को नई दिशा दी है। नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में मिली ऐतिहासिक सफलताओं का श्रेय जवानों के साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प को जाता है।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान कठिन परिस्थितियों और आईईडी जैसे घातक खतरों के बीच भी पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपने कर्तव्य पर डटे रहे हैं। राज्य गठन के 25 वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया जाना उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद बस्तर के उन दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जा रहा है, जहां पहले ऐसा संभव नहीं था। इस वर्ष 93 नए स्थानों पर तिरंगा फहराकर सुरक्षा बलों ने लोकतंत्र, विश्वास और राष्ट्रभावना की नई नींव मजबूत की है।

210 नक्सलियों का हथियारों के साथ आत्मसमर्पण बड़ी उपलब्धि
उप मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में अगस्त 2025 के दौरान हुए बड़े आत्मसमर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि 210 नक्सलियों द्वारा 163 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण शांति और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और बस्तर में शांति की स्थापना की दिशा में बड़ी सफलता बताया।
श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना जवानों के पराक्रम और स्थानीय जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बंदूक के बल पर कायम व्यवस्था जनता के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकती। लोकतंत्र में वही व्यवस्था मान्य है, जो जनता द्वारा चुनी गई हो और जनता के प्रति जवाबदेह हो।
आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जुड़ेंगे बस्तर के बच्चे
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर के जल, जंगल और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए यहां के बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ना है। जिन क्षेत्रों में कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि टेकुलगुड़ा जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में लगातार सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त करने में सुरक्षा बलों के साथ-साथ यहां की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अमर जवान शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा शहीदों की स्मरण पट्टिका पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महापौर श्री संजय पांडेय, सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जवान उपस्थित रहे।


