*दशको से सेवारत शिक्षकों को TET के नाम पर परखना शिक्षकों का अपमान विधायक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष को अपना पीड़ा से स.शि.फेडरेशन ने कराया अवगत*
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक / समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा राज्य के पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता की रक्षा तथा पदोन्नति के समान अवसर सुनिश्चित करने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन के नाम माननीय विधायकों के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है। फेडरेशन ने माननीय उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सेवारत शिक्षकों के समक्ष उत्पन्न विसंगतियों के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई है।
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार राठौर के दिशा निर्देश के अनुसार प्रान्तीय पदाधिकारी व जिला अध्य्क्ष के द्वारा आज दिनांक 11/09/2026.को माननीय यशोदा नीलांबर वर्मा विधायक खैरागढ़ एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमान बिसेसर दास साहू जी को फेडरेशन के जिला अध्य्क्ष रामलाल साहू एवं टीकाराम देशमुख ब्लॉक अध्यक्ष छुईखदान, दुर्गेश कुमार सोनी ब्लॉक अध्यक्ष खैरागढ़ ने ज्ञापन सौंपा साथ ही चर्चा भी किया जिसमें
पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की बाध्यता से छूट:
पूर्व नियुक्त सभी सेवारत शिक्षकों की भर्ती उस समय की विहित योग्यताओं और नियमों के अनुसार हुई थी। सेवाकाल के दौरान बाद के नियमों को पूर्व-प्रभावी रूप से अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है। अतः छत्तीसगढ़ शासन द्वारा केंद्र सरकार को विधिक संशोधन कर राजपत्र प्रकाशित करने हेतु औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाए।
2028 से पूर्व पदोन्नति से वंचित न किया जाए (अनुच्छेद 14 व 16 का संरक्षण):
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सभी सेवारत शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने हेतु 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है तथा पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने का निर्देश है। अतः 2028 से पूर्व मात्र TET उत्तीर्ण न होने के आधार पर पदोन्नति से रोकना संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) एवं अनुच्छेद 16 (अवसर की समानता) का उल्लंघन है।
CGBSE द्वारा TET परीक्षा का संचालन:
जिस प्रकार केंद्रीय स्तर पर CBSE द्वारा CTET का आयोजन किया जाता है, उसी तर्ज पर राज्य में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के माध्यम से नियमित TET परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि शिक्षकों को पर्याप्त अवसर प्राप्त हो सकें।
फेडरेशन ने शासन से आग्रह किया है कि सेवारत शिक्षकों के भविष्य एवं गरिमा को दृष्टिगत रखते हुए त्वरित संज्ञान लेकर न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
उपरोक्त ज्ञापन सौंपने के लिए,अनिता जंघेल,नैना वर्मा,सीता साहू,कौशल श्रीवास्तव ,दोदेश्वर चंदेल, प्रणय महोबे, रूपकुमार जांगड़े, शिवचरण, रघुनाथ वर्मा, कन्हैया साहू,संजूराम कंवर, राजेश लोधी, कोमल कोठारी, भगवती सिंन्हा, खेमचंद साहू,कंवल साहू, योगेश वर्मा,भांडेकर सर,लोकनाथ देवांगन, संतोष तोड़े,तोकराम सिंन्हा,तारण धुर्वे सुकालू साहू , सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित हुए।


