Advertisement Carousel

    टुकड़ों में कभी नहीं मिलेगी सफलता….
    प्रदेश के शिक्षक किसी संगठन के झांसे में न आएं…. यदि वाकई में शिक्षकों की मांगों को पूरा करना चाहते है तो सभी को एक मंच पर आना होगा – जाकेश साहू

    रायपुर //-
    छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ, पंजीयन क्रमांक 122202595034 के प्रदेश अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक जाकेश साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्रदेश के आम शिक्षकों से अपील की है कि जब तक प्रदेश के सभी संगठन एक मंच पर नहीं आएंगे तब तक ना तो कोई आंदोलन सफल होगा और ना ही किसी भी प्रकार की ठोस मांग पूरी होगी।
    यह बात उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग कार्यरत है। प्रदेश के ये शिक्षक किसी भी संघ विशेष के सदस्य नहीं है। बल्कि वे स्वतंत्र है तथा समय समय पर होने वाले अपनी मांगों एवं समस्याओं को लेकर आंदोलन के समर्थन देने चले जाते है। इस प्रकार वे अपनी मांगों के प्रति सजग है।
    ऐसे तो प्रदेश में अभी 20 से भी अधिक पंजीकृत शिक्षक संगठन है और सभी शिक्षक संगठन अपने-अपने स्तर पर शिक्षक हित में कार्य कर रहे हैं। अधिकांश शिक्षक संगठन सोशल मीडिया में सक्रिय है। मंत्रालय एवं सरकार को ज्ञापन आदि समय-समय पर देते रहते है।
    विगत 2018 के बाद प्रदेश में ऐसा कोई बड़ा आंदोलन हुआ नहीं है जो अपेक्षित परिणाम दे सके, क्योंकि 2018 विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश के शिक्षक संघ अलग-अलग काम कर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में तीन-तीन शिक्षक संगठनों ने अलग-अलग दो मंच बनाए हैं और आंदोलन का बड़ा ऐलान कर दिया है।
    उपरोक्त मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए शिक्षक नेता एवं प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा है कि जब तक सभी संगठन एक मंच पर नहीं आएंगे तब तक प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन बड़ा आंदोलन होना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों से अपील की है कि सभी शिक्षक संगठन एवं नेता अपनी व्यक्तिगत आपसी मतभेद, आपसी रंजिश, झगड़ा, व्यक्तिगत या सांगठनिक दुर्भावना से परे हटकर एक मंच पर आएं और एक साझा मंच बनाकर सर्व सम्मति से मांग पत्र एवं आंदोलन की स्थिति तय करें।
    जिससे प्रदेश में एक अच्छा संदेश जाएगा और प्रदेश के सभी आम शिक्षक उक्त आंदोलन में भाग लेंगे क्योंकि टुकड़े-टुकड़े में बट कर आंदोलन करने से कभी सफलता नहीं मिलेगी। इससे सिर्फ नेतागिरी होगी और संगठन अपने-अपने स्तर पर अपनी ताकत दिखाएंगे। इससे ज्यादा कुछ नहीं होगा।
    जाकेश साहू ने कहा कि यह समय शिक्षकों की मांगों एवं समस्याओं को लेकर राजनीति करने का नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों में प्रदेश के शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता, पदोन्नति में भी टीईटी की अनिवार्यता, प्रथम सेवा गणना कर वेतन विसंगति दूर करना, पुरानी पेंशन बहाली, क्रमोन्नति एवं विभिन्न मांगों को लेकर चिंतित एवं प्रताड़ित है। ऐसे में सभी शिक्षक यह राह देख रहे हैं कि प्रदेश के सभी शिक्षक संगठन कब एक मंच पर आएंगे …????? परंतु अब तक ऐसी स्थिति नहीं हुई है। बल्कि कुछ संगठन अपने-अपने स्तर पर आंदोलन की घोषणा करने लगे हैं।
    प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने राज्य के समस्त आम शिक्षकों से अपील करते हुए कहा है कि जब तक सभी संगठन एक मंच पर नहीं आ जाए….. तब तक किसी भी आंदोलन …..हड़ताल एवं ऐसी किसी भी कार्यक्रम का हिस्सा ना बने ……. क्योंकि इस प्रकार के छोटे-छोटे आंदोलन में भाग लेने से हमारी ऊर्जा के साथ-साथ, समय एवं धन भी नष्ट होगा। लेकिन कोई भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा।
    और हमे यदि कोई अपेक्षित परिणाम पाना है तो सभी संगठनों के एक मंच पर आने के बाद ही सामूहिक एवं बड़े आंदोलन का हिस्सा बनना होगा।

    Share.