*5 अक्टूबर को दुर्ग में जुटेंगे प्रदेश भर के TET उत्तीर्ण शिक्षक, पदोन्नति न मिल पाने से करेंगे शिक्षामंत्री निवास घेराव और आमरण अनशन*
दुर्ग: प्रदेश के 42,000 TET उत्तीर्ण शिक्षकों का धैर्य का बाँध अब टूटता हुआ दिखाई दे रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा पदोन्नति हेतु डेडलाइन पहले 30 जून फिर 15 अगस्त और फिर 30 अगस्त तक बढ़ाने के बाद भी आज पर्यंत तक TET उत्तीर्ण शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया है जबकि वो पदोन्नति की सभी योग्यताएँ एवं पात्रताएँ पूर्ण करते हैं तथापि शासन-प्रशासन के
ढुलमुल रवैये के कारण वो अपना अधिकार पाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। प्रदेश में शिक्षकों की लगातार भारी कमी होती जा रही है जिसके लिए 50%-50% भर्ती और पदोन्नति का नियम भी बना है ताकि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी न हो और शिक्षा का अधिकार जो कि हर बच्चे का मौलिक अधिकार है वह उन्हें प्राप्त हो सके। प्रदेश में शिक्षा का स्तर बेहतर हो सके और शिक्षा ही वह ब्रह्मास्त्र है जिससे प्रदेश ही नहीं अपितु देश, पूरे विश्व का कल्याण हो सकता है किन्तु प्रदेश में उन शिक्षकों के भविष्य को अधर में लटकाया जा रहा है जो प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।
सरकार ने पदोन्नति में TET की अनिवार्यता के NCTE के निर्देश को मान्य अवश्य कर लिया है किन्तु उसे लागू करने में बहुत अधिक समय ले रही है जिससे प्रदेश भर के TET उत्तीर्ण शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है। इस कारणवश टी ई टी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ ने 5 अक्टूबर को दुर्ग में पदोन्नति अधिकार रैली , 6 अक्टूबर को शिक्षामंत्री निवास का घेराव व 7 अक्टूबर से आमरण अनशन करने का निर्णय लिया है।
अब देखना यह है कि सरकार उनकी न्यायोचित माँगों को कितनी गंभीरता से लेती है।


