रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान स्वर्गीय गनियारी पहुंचकर छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्व. डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान का स्मरण किया।
राज्यपाल श्री डेका ने स्व. डॉ. तीजन बाई के परिजनों से आत्मीय भेंट की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने परिजनों से चर्चा करते हुए उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया।

राज्यपाल ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई ने अपनी विशिष्ट कापालिक शैली और असाधारण प्रतिभा के माध्यम से पंडवानी को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक परंपरा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनकी कला-साधना और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। स्व. डॉ. तीजन बाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की ऐसी गौरवशाली पहचान हैं, जिनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रिकेश सेन, पद्मश्री पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।


