मेडिकल कैशलेस संगठन की बड़ी जीत, शासन ने जारी की नियमावली; कर्मचारियों में खुशी की लहर
तीन साल के संघर्ष के बाद कर्मचारियों को मिली बड़ी सौगात, अब कर्मचारी और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता साफ
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ के लगातार तीन वर्षों के संघर्ष और प्रयासों के बाद शासन द्वारा इस योजना की नियमावली जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसे संगठन ने अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। नियमावली जारी होने से प्रदेश के कर्मचारी जगत में खुशी की लहर है।
तीन साल तक लगातार चलाया आंदोलन और अभियान
छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ पिछले तीन वर्षों से प्रदेश के कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दिलाने के लिए शासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष लगातार अपनी मांग रखता रहा है।
इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन, कलेक्टर के माध्यम से आवेदन, पोस्टकार्ड अभियान, ट्विटर अभियान, पोस्ट अभियान एवं विभिन्न सम्मेलनों के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुंचाई। संगठन के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अब नियमावली जारी होने को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कर्मचारियों और आश्रितों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
जारी नियमावली के संबंध में संगठन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों तथा राज्य के बाहर सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
इस व्यवस्था के तहत प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं—
- कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को योजना का लाभ।
- मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा।
- राज्य के बाहर सूचीबद्ध अस्पतालों में भी उपचार का प्रावधान।
- कर्मचारियों के लिए 24×7 शिकायत निराकरण पोर्टल की व्यवस्था के निर्देश।
- DDO के माध्यम से कर्मचारियों का चिकित्सा कार्ड बनाया जाएगा।
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखे जाने की व्यवस्था।
संगठन की प्रमुख मांगों पर शासन ने किया विचार
संघ की प्रमुख मांग थी कि मानव शरीर में होने वाली प्रत्येक बीमारी के उपचार का खर्च मरीज के पूर्ण स्वस्थ होने तक शासन द्वारा वहन किया जाए। इसके अलावा टोल फ्री नंबर जारी करने, रेफरल प्रक्रिया को सरल बनाने तथा इलाज के दौरान कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने की मांग भी रखी गई थी।
संगठन का कहना है कि उसकी अधिकांश मांगों पर शासन ने विचार करते हुए उन्हें नियमावली में शामिल किया है। आने वाले समय में कर्मचारियों के हित में इसमें और भी आवश्यक संशोधन किए जाने की संभावना है।
संगठन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित जनप्रतिनिधियों का जताया आभार
इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, मुख्य सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव सहित शासन के संबंधित अधिकारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर, प्रदेश संस्थापक सदस्य विनोद सिंह, रमेश नेगी, पीयूष कुमार गुप्ता, मिर्जा कासिम बैग, दिलेश्वर साहू, आजूराम सिन्हा, विजय कोचेंद्र, लिखेश वर्मा एवं मंजूलता सोरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
राकेश कुमार सिंह का सपना साकार होने की ओर
प्रदेश में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का सपना देखने वाले राकेश कुमार सिंह के प्रयासों को संगठन ने इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया है। संगठन के संस्थापक सदस्यों ने प्रदेश के सभी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों एवं ब्लॉक पदाधिकारियों के योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता ने दी जानकारी
प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमावली जारी होना कर्मचारियों के हित में ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के धरातल पर पूरी तरह लागू होने से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्म


