गरियाबंद में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कलेक्टर ने दिए सतर्कता के निर्देश
28-29 अक्टूबर को प्रदेशभर में बारिश की संभावना, गांवों में मुनादी कराकर लोगों को किया जाएगा सतर्क
गरियाबंद, 25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने के संभावित प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सुकमा और दंतेवाड़ा तथा 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
गरियाबंद जिले में संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने फसलों, मवेशियों, आम नागरिकों और शासकीय एवं निजी संपत्तियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।
गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों को करें सतर्क
कलेक्टर श्री शर्मा ने अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को संभावित खराब मौसम की जानकारी दी जाए। ग्रामीणों को फसलों, मवेशियों और संपत्तियों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश
कलेक्टर ने जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने तथा मौसम विभाग से जारी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
संभावित वर्षा को देखते हुए निचले क्षेत्रों, जलभराव वाले स्थानों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों की पहचान कर आवश्यक राहत एवं बचाव व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़े दलों को जरूरी उपकरणों के साथ तैयार रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने बांधों और जलाशयों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं। जल निकासी की आवश्यकता होने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को समय रहते सूचना देने तथा जनसुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा करने तथा संभावित आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौसम संबंधी चेतावनियों की जानकारी आम नागरिकों तक समय पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने पर विशेष जोर दिया है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। तेज हवा और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। प्रशासन का उद्देश्य संभावित नुकसान को कम करना और जिले में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


