विभागीय टीईटी पर आर-पार की लड़ाई! शिक्षक साझा मंच का अल्टीमेटम, आदेश नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री से वार्ता और अधिकारियों के साथ तीन दौर की चर्चा के बाद भी नतीजा सिफर, रविन्द्र राठौर बोले—अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए
रायपुर, 17 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ वार्ता तथा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तीन दौर की चर्चा के बावजूद आधिकारिक आदेश जारी नहीं होने से शिक्षक संगठनों में नाराजगी है। छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच ने अब सरकार और विभाग को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि मांग पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
मंच का कहना है कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर लगातार चर्चा और आश्वासन मिलने के बाद भी आदेश जारी नहीं होना चिंता का विषय है। अब शिक्षक केवल बैठकों और मौखिक आश्वासनों के भरोसे नहीं रहना चाहते, बल्कि स्पष्ट निर्णय और लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं।
रविन्द्र राठौर की दो टूक—आश्वासन बहुत हुए, अब आदेश जारी करे विभाग
शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय संयोजक एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने कहा कि विभागीय टीईटी को लेकर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की चर्चा हो चुकी है। बैठकों में सकारात्मक संकेत मिलने और वर्ष में तीन बार विभागीय टीईटी आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आने के बावजूद अब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के भविष्य से जुड़े मामले को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जा सकता। यदि विभाग परीक्षा आयोजन को लेकर गंभीर है, तो बिना अनावश्यक देरी के लिखित आदेश जारी करना चाहिए। शिक्षकों को अब मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट निर्णय और समयबद्ध कार्ययोजना चाहिए।
राठौर ने संकेत दिया कि मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में शिक्षक साझा मंच आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगा। इसके तहत प्रदेशभर के शिक्षकों को एकजुट कर उनकी आवाज बुलंद की जाएगी।
तीन दौर की चर्चा के बाद भी आदेश नहीं, शिक्षकों में नाराजगी
मंच के अनुसार, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ दो दौर की वार्ता तथा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तीन दौर की चर्चा हो चुकी है। इसके बावजूद विभागीय टीईटी को लेकर आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं होने से शिक्षकों के बीच असमंजस बना हुआ है।
मंच ने मांग की है कि विभागीय टीईटी की घोषणा के साथ परीक्षा की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, संभावित आयोजन तिथियों और अन्य आवश्यक शर्तों को भी स्पष्ट किया जाए, ताकि शिक्षक समय रहते परीक्षा की तैयारी कर सकें और अपने भविष्य को लेकर उचित निर्णय ले सकें।
प्रदीप पाण्डेय बोले—पुराने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर सरकार स्पष्ट करे रुख
सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय ने कहा कि पूर्ववर्ती नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी संबंधी प्रावधानों के कारण अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से राहत देने की मांग पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों की वर्षों की सेवा, अनुभव और भविष्य को ध्यान में रखकर सरकार को संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।
पाण्डेय ने कहा कि बैठकों में हुई चर्चा का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उसका परिणाम सरकारी आदेश के रूप में सामने आएगा। स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने से शिक्षकों के बीच व्याप्त असमंजस दूर करने में मदद मिलेगी।
विकास सिंह राजपूत ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
शिक्षक साझा मंच के संचालक विकास सिंह राजपूत ने कहा कि सेवा सुरक्षा, विभागीय टीईटी और वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति जैसे मुद्दों को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। यदि विभाग शीघ्र निर्णय नहीं लेता, तो मंच प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की रणनीति बनाते समय प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शिक्षकों की मांगों को व्यापक और प्रभावी तरीके से सरकार के सामने रखा जा सके।
शिक्षक एकता से मजबूत होगा आंदोलन
मंच से जुड़े जाकेश साहू और लैलून भारद्वाज ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पूर्व सेवा की गणना और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति जैसे मुद्दे किसी एक संगठन तक सीमित नहीं हैं। इन मांगों के समाधान के लिए सभी शिक्षक संगठनों को साझा मंच पर आकर एकजुटता दिखानी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय किए जाने की संभावना भी जताई गई।
पूर्व सेवा गणना और पदोन्नति के मुद्दे भी एजेंडे में
शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि विभागीय टीईटी के साथ पूर्व सेवा की गणना, सेवा सुरक्षा और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति के मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। मंच का मानना है कि इन विषयों पर स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लिए जाने से शिक्षकों के बीच व्याप्त असंतोष को कम किया जा सकता है।
मंच से जुड़े रविन्द्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, प्रदीप पाण्डेय, लैलून भारद्वाज, जाकेश साहू और चेतन बघेल ने सरकार एवं स्कूल शिक्षा विभाग से अब तक हुई वार्ताओं के परिणामों पर स्पष्ट स्थिति सामने लाने की मांग की है।
अब सरकार के फैसले का इंतजार, आंदोलन की तैयारी के संकेत
विभागीय टीईटी पर आधिकारिक आदेश जारी होने में हो रही देरी ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के सामने अहम सवाल खड़ा कर दिया है। क्या शिक्षकों को जल्द लिखित निर्णय मिलेगा या उन्हें अपनी मांगों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा?
शिक्षक साझा मंच ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। मंच की प्रमुख मांग है कि विभागीय टीईटी पर लिखित आदेश जारी किया जाए और परीक्षा आयोजन को लेकर समयबद्ध कार्ययोजना घोषित की जाए।
यदि विभाग जल्द पहल नहीं करता, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी तेज हो सकती है। अब शिक्षकों की निगाहें सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।


