छत्तीसगढ़ के पेंशनरों की समस्याओं को लेकर रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स फोरम ने उठाई आवाज, 5 प्रमुख मांगों पर सौंपा ज्ञापन
पेंशन भुगतान में सहमति की प्रक्रिया समाप्त करने, महंगाई राहत के एरियर और चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि की मांग
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर फोरम ऑफ रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स छत्तीसगढ़ ने पहल की है। फोरम ने पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय, नया रायपुर के संचालक को पत्र सौंपकर पेंशनरों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके निराकरण की मांग की है।
उक्त की जानकारी देर्ते हूये रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स फोरम के प्रदेश अध्यक्ष इंजी.प्रदीप वर्मा ने बताया की।


फोरम के पत्र के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक के संदर्भ में पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए पांच प्रमुख सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें पेंशन भुगतान के लिए सहमति की प्रक्रिया समाप्त करने, महंगाई राहत का भुगतान निर्धारित तिथि से करने, छठवें एवं सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान तथा चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि जैसी मांगें शामिल हैं।
पेंशनरों की पांच प्रमुख मांगें
1. पेंशन भुगतान के लिए सहमति की प्रक्रिया समाप्त करने की मांग
फोरम ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) के तहत छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच पेंशन भुगतान के लिए सहमति लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस व्यवस्था के कारण दोनों राज्यों के पेंशनरों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फोरम ने मांग की है कि पेंशन भुगतान के लिए दोनों राज्यों के बीच सहमति लेने की प्रक्रिया समाप्त कर पेंशनरों को राहत प्रदान की जाए।
2. महंगाई राहत का भुगतान निर्धारित तिथि से किया जाए
फोरम ने पेंशनरों को महंगाई राहत का लाभ 1 जनवरी और 1 जुलाई से देने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पेंशनरों को महंगाई राहत की घोषणा और उसके भुगतान में देरी होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
फोरम ने मांग की है कि महंगाई राहत का भुगतान संबंधित प्रभावी तिथि से सुनिश्चित किया जाए, ताकि पेंशनरों को उनके वास्तविक हक का लाभ मिल सके।
3. छठवें वेतनमान के 32 माह के एरियर का भुगतान
फोरम ने छत्तीसगढ़ के उन कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए छठवें वेतनमान के 32 माह के एरियर के भुगतान की मांग उठाई है, जो 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए थे।
पत्र के अनुसार, 1 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि के 32 माह के एरियर का भुगतान किया जाना चाहिए। फोरम ने इस संबंध में जबलपुर उच्च न्यायालय द्वारा आदेश जारी किए जाने का भी उल्लेख किया है।
4. सातवें वेतनमान के 27 माह के एरियर का भुगतान
फोरम ने 1 जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को सातवें वेतनमान के 27 माह के एरियर का भुगतान करने की मांग की है।
पत्र में 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के एरियर का भुगतान करने का सुझाव दिया गया है। फोरम का कहना है कि पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके बकाया भुगतान का लाभ दिया जाना चाहिए।
5. चिकित्सा सहायता राशि बढ़ाने और पेंशन कम्यूटेशन अवधि घटाने की मांग
फोरम ने छत्तीसगढ़ पेंशनर कल्याण निधि नियम, 1997 के अंतर्गत चिकित्सा सहायता की व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और सुविधाजनक बनाने की मांग की है।
पत्र में चिकित्सा सहायता की वर्तमान सीमाओं में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत राज्य के भीतर उपचार के लिए अधिकतम ₹10,000 की सीमा बढ़ाकर ₹50,000 तथा राज्य के बाहर उपचार के लिए ₹30,000 की सीमा बढ़ाकर ₹2 लाख करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही, मान्यता प्राप्त अस्पतालों में पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है।
फोरम ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन का कम्यूटेशन) नियम, 1996 में संशोधन कर कम्यूटेशन की अवधि 15 वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष करने तथा संबंधित ब्याज दर कम करने की मांग भी रखी है।
पेंशनरों को राहत देने की मांग
फोरम का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा शासकीय सेवाओं में बिताया है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन, महंगाई राहत, बकाया भुगतान और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।
पत्र में प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार कर पेंशनरों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने का आग्रह किया गया है।


