राष्ट्रीय पटल पर छत्तीसगढ़ के शिक्षक खोमन गुरुजी का सम्मान
155 से अधिक उत्कृष्ट शिक्षकों के बीच मिला प्रतिष्ठित ‘शिक्षा ज्योति सम्मा
गरियाबंद।
विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले देशभर के शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन समारोह में छत्तीसगढ़ के नवाचारी एवं समर्पित शिक्षक खोमन गुरुजी को प्रतिष्ठित ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 155 से अधिक उत्कृष्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में खोमन गुरुजी को उनके नवाचारी शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा विद्यालय विकास के क्षेत्र में किए जा रहे अनुकरणीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का आयोजन शिक्षा ज्योति की संस्थापक अर्चना शर्मा एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार छत्तीसगढ़ के जनरल सेक्रेटरी डॉ. राघवेंद्र सिंह राठौर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। ऑनलाइन मंच के माध्यम से सम्मानित किए गए शिक्षकों के कार्यों की सराहना करते हुए आयोजकों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने वाले शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
खोमन गुरुजी लंबे समय से विद्यालय में रचनात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अभिनव पहल करते रहे हैं। उनके प्रयासों का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक के रूप में विकसित करना है।
राष्ट्रीय सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, बिहार, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के उत्कृष्ट शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
खोमन गुरुजी को राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से छत्तीसगढ़ के शिक्षक समुदाय एवं विद्यालय परिवार में हर्ष की लहर है। शिक्षा जगत से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों, सहकर्मियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनके व्यक्तिगत गौरव के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की शिक्षा के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
शिक्षा के प्रति समर्पण, नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सोच ने खोमन गुरुजी को राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान दिलाई है।


