रायपुर। छत्तीसगढ़ में कैबिनेट की बैठक की गई जिसमें कर्मचारी संगठनों को कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई उम्मीदें थी मगर छत्तीसगढ़ शासन की कैबिनेट के द्वारा कर्मचारियों को किसी भी मांग को कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया खासकर कर्मचारियों की एक ऐसी मांग जिसके लिए छत्तीसगढ़ शासन ने बजट सत्र में 100 करोड रुपए भी जारी किए थे मेडिकल कैशलेस चिकित्सा जिसकी उम्मीद छत्तीसगढ़ के समस्त कर्मचारियों को थी कि इस मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों से जुड़ी इस मांग को महत्व दिया जाएगा मगर शासन के द्वारा कर्मचारियों को और उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया यह एक ऐसी मांग थी जिसका लाभ कर्मचारियों के साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी होना था आज कर्मचारी और उनके परिवार स्वास्थ्यगत कर्म से काफी परेशान हो रहे हैं जिस परेशानी को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ कैशलेस सेवा चिकित्सा कर्मचारी कल्याण संघ ने पिछले 3 वर्षों से लगातार प्रयास किया और बजट सत्र में मेडिकल कैशलेस के लिए 100 करोड रुपए की घोषणा भी कार्रवाई मगर यह करी घोषणा सिर्फ सदन में ही होकर रह गई। इस घोषणा का लाभ किसी भी प्रकार से कर्मचारी और उनके परिवार को प्राप्त होता नहीं दिख रहा जिस कारण कर्मचारी संगठनों में नाराजगी दिखाई दे रही है संगठन ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है एवं साथ ही 5अक्टूबर 6 अक्टूबरऔर 7 अक्टूबर को काली पट्टी लगाकर समस्त कार्यालय में कार्य करने का निर्णय लिया तथा 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया है उन्होंने छत्तीसगढ़ के समस्त कर्मचारियों से आह्वान किया कि इस विरोध में अपनी सहभागिता देवे,, छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ।की प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर ने एवं संरक्षक राकेश सिंह प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को इस विरोध में शामिल होने का आह्वान किया और साथिया विश्वास दिलाया की बहुत जल्द शासन के द्वारा हमें और हमारे परिवार को मेडिकल कैशलेस सुविधा प्रदान की जाएगी। जानकारी प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता ने दी।कैशलेस चिकित्सा लागू करने की मांग
📢 बजट में की गई घोषणा अभी तक धरातल पर लागू नहीं हुई है।
इस विषय को लेकर कर्मचारी साथियों द्वारा अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
🔴 2 अक्टूबर 2026
📱 सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध दर्ज करें
अपनी आवाज़ सरकार और शासन-प्रशासन तक पहुँचाएं।
⚫ 5 6 और 7 अक्टूबर 2026
🏢 सभी कर्मचारी साथी काली पट्टी लगाकर कार्यालय में कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
हमारी मांग स्पष्ट है—
बजट में घोषित कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को जल्द से जल्द धरातल पर लागू किया जाए।


