गरियाबंद में RTI का गलत उपयोग? वन विभाग ने टूर डायरी को बताया निजी जानकारी
गरियाबंद, 03 सितंबर 2026

गरियाबंद (छ.ग.) -जिले की एक महिला आवेदक *ऋतु सोम, निवासी कोयला भट्टा, केशोंडार, पोस्ट नहर गांव* ने वन विभाग से एक अजीबो-गरीब जवाब मिलने के बाद प्रथम अपील दायर की है।
मामला वन परिक्षेत्र गरियाबंद सामान्य से जुड़ा है। आवेदक ऋतु सोम ने दिनांक 18/08/2026 को RTI के तहत *जून 2024 से जुलाई 2026 तक की दैनिक टूर डायरी / बीट निरीक्षण रजिस्टर* की प्रमाणित प्रति मांगी थी।
विभाग का जवाब – TA बिल बताकर किया निरस्त*
वन परिक्षेत्र अधिकारी, गरियाबंद ने अपने आदेश क्रमांक /सा./2603 दिनांक 01/09/2026 में कहा कि मांगी गई जानकारी धारा 8(1)(j) के तहत व्यक्तिगत जानकारी है। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट के प्रकरण *WPC 768/2013 (छ.ग. माध्यमिक शिक्षा मंडल बनाम DSN राव)* का हवाला दिया।
आवेदक का तर्क – ये तो पब्लिक रिकॉर्ड है*
ऋतु सोम ने अपनी प्रथम अपील में कहा है कि:
1. उन्होंने TA बिल नहीं, बल्कि शासकीय दैनिक डायरी* मांगी है, जो वन अधिकारी के शासकीय भ्रमण का रिकॉर्ड है।
2. जिस WPC 768/2013 का हवाला दिया गया है, वह *यात्रा भत्ते* से संबंधित है, टूर डायरी से उसका कोई संबंध नहीं है।
3. फॉरेस्ट मैनुअल के अनुसार टूर डायरी हर माह DFO को भेजी जाती है, यह पब्लिक रिकॉर्ड है।
अब यह मामला प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं वन मंडलाधिकारी, गरियाबंद के पास है। आवेदक ने मांग की है कि रेंज अधिकारी के आदेश को निरस्त कर टूर डायरी उपलब्ध कराई जाए।


