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    मानवता, करुणा और सेवा का सच्चा तीर्थ है भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    कुष्ठ रोगियों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया जीवन दे रही है संस्था : मुख्यमंत्री श्री साय

    *”नर सेवा ही नारायण सेवा” की भावना को साकार कर रहा है सोठी का भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम*

    *सोठी स्थित आश्रम में उपचार के साथ सम्मान, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता का अनूठा मॉडल*

    *मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, चिकित्सालय का किया निरीक्षण और आश्रम की सेवा गतिविधियों की सराहना*

    रायपुर, 2 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपने जांजगीर-चांपा प्रवास के दौरान सोठी (कात्रेनगर) स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुँचे। आश्रम आगमन पर संस्था के पदाधिकारियों एवं आश्रमवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख श्री सुधीर देव से संस्था की सेवा गतिविधियों, चिकित्सा सुविधाओं तथा पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और छह दशकों से अधिक समय से संचालित सेवा कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने आश्रम के लिए उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा गौशाला में गौमाता की पूजा कर उन्हें हरी घास खिलाई। मुख्यमंत्री ने आश्रमवासियों को उपहार भी भेंट किए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत तीर्थ है। यहाँ आकर सेवा को जीवन का सर्वोच्च धर्म मानने की भारतीय परंपरा का साक्षात अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि संस्था के सेवाभावी कार्यकर्ता निःस्वार्थ भाव से पीड़ित और उपेक्षित लोगों के जीवन में आशा का प्रकाश जला रहे हैं और उनका कार्य पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन है और यह आश्रम इस विचार को व्यवहार में साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग केवल शारीरिक पीड़ा नहीं, बल्कि सामाजिक उपेक्षा और भेदभाव का भी कारण रहा है। ऐसे लोगों को संस्था ने परिवार के सदस्य की तरह अपनाकर सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकर प्रसन्नता हुई कि संस्था रोगियों को निःशुल्क उपचार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ, आवास, भोजन, वस्त्र तथा पुनर्वास जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। स्वरोजगार एवं कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य वास्तव में अनुकरणीय है। किसी व्यक्ति को आत्मसम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करना समाज की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि गौशाला संचालन, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से आश्रम सेवा और प्रकृति संरक्षण का संतुलित एवं समग्र मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। वहीं निःशुल्क चिकित्सा शिविरों और सेवा यात्राओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का कार्य भी अत्यंत सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 में मानव सेवा, अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए संस्था को प्राप्त राज्य स्तरीय यति यतनलाल सम्मान छह दशकों से अधिक समय से जारी सेवा, समर्पण और करुणा की परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को ऐसी सेवा संस्थाएँ धरातल पर साकार कर रही हैं, जहाँ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक जरूरतमंद की सेवा की जाती है। राज्य सरकार भी अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और विकास का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय कुष्ठ निवारक संघ जैसी संस्थाएँ सरकार और समाज के बीच सेवा का सशक्त सेतु हैं।

    *छह दशक से सेवा, सम्मान और पुनर्वास का केंद्र*

    गौरतलब है कि भारतीय संस्कृति में “नर सेवा ही नारायण सेवा” को सर्वोच्च धर्म माना गया है। इसी सेवा-दर्शन को साकार करते हुए जांजगीर-चांपा जिले के सोठी (कात्रेनगर) स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पिछले छह दशकों से कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को उपचार के साथ सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भर जीवन का आधार प्रदान कर रहा है। यह संस्थान आज केवल कुष्ठ रोग उपचार केंद्र ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा और सामाजिक समरसता का अनुकरणीय केंद्र बन चुका है।

    5 अप्रैल 1962 को समाजसेवी एवं स्वयं कुष्ठ रोग से प्रभावित स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे द्वारा स्थापित इस संस्था का उद्देश्य रोगियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। वर्षों के सतत प्रयासों से यह संस्थान देश के प्रमुख कुष्ठ रोग उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।

    संस्थान में 20 बिस्तरों के चिकित्सालय के माध्यम से कुष्ठ रोगियों सहित अन्य जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ, ड्रेसिंग, भोजन, वस्त्र, आवास तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। यहाँ आधुनिक पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी किया जाता है। वर्तमान में संस्थान में 75 महिला एवं पुरुष रोगी निवासरत हैं तथा लगभग 120 कार्यकर्ता सेवा कार्यों में निरंतर जुटे हुए हैं।

    संस्था केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगियों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास को भी समान महत्व देती है। लगभग 60 एकड़ कृषि भूमि में जैविक खेती एवं बागवानी के साथ चॉक निर्माण, कालीन निर्माण, रस्सी निर्माण, सिलाई, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, वेल्डिंग, वाहन संचालन प्रशिक्षण तथा जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों के माध्यम से रोगियों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाता है।

    संस्थान रोगियों के परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था भी करता है। साथ ही आसपास के युवाओं को कम्प्यूटर एवं सिलाई प्रशिक्षण देकर रोजगारोन्मुखी कौशल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा एवं नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। शासन-प्रशासन के सहयोग से अब तक 10 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराए जा चुके हैं। संस्था कुष्ठ रोग के साथ-साथ अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार, स्वास्थ्य परीक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

    *मुख्यमंत्री ने संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का किया निरीक्षण*

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थिएटर सहित विभिन्न इकाइयों का अवलोकन कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी निरीक्षण किया।

    गौरतलब है कि आज आश्रम में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 300 से अधिक लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के संबंध में जागरूकता एवं स्क्रीनिंग भी की गई। आश्रम के चिकित्सक समय-समय पर आसपास के स्कूलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री किरण सिंह देव, सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, अध्यक्ष खनिज विकास निगम श्री सौरभ सिंह, श्री अंबेश जांगड़े, पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, पूर्व विधायक श्री खिलावन साहू, अध्यक्ष हथकरघा बोर्ड श्री भोजराम देवांगन, श्री चंद्रशेखर देवांगन, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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