बिलासपुर : शहर के निजी व सरकारी ब्लड बैंक में आवश्यकता अनुरूप ब्लड नहीं है, ऐसे में जरूरतमंद को एक-एक यूनिट ब्लड के लिए इधर-उधर चक्कर काटना पड़ रहा है। समस्या को देखते हुए ही जज्बा संस्था के साथ कई सामाजिक संस्था एकजुट हुए है। इसके द्वारा 19 मई को विश्व थैलेसीमिया के दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त जुटाने के साथ ही खाली पड़े ब्लड बैंक में रक्त दिया जाएगा, ताकि जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त मिल सके। आयोजन को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में जज्बा एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक संजय मतलानी ने बताया कि विश्व थैलेसीमिया दिवस महज एक अवसर है, रक्त की जरूरत पूरा करने का। उनका संगठन ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित करता रहता है। अभी स्थिति खतरनाक हो गई है सभी ब्लड बैंक लगभग खाली हो गए है। ऐसे में 19 मई को शहर के रघुराज स्टेडियम के नजदीक होटल टोपाज मे सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वृहद स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। जज्बा के साथ मिलकर शाहेदा फाउंडेशन और ख्वाब वेलफेयर फाउंडेशन भी सहयोग करेगा। इस शिविर को प्रोत्साहित करने बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। बिलासपुर के 180 थैलेसीमिया बच्चों को रक्त की जरूरत पूरा करने के अलावा सिकल सेल के रोगियों के लिए यह शिविर उम्मीदों से भरा है। खाली हुए ब्लड बैंकों को भी भरा जाना हैं, इसलिए सदस्यों ने स्वैच्छिक रक्तदान की आमजनता से अपील की है। रक्तदाताओं को शिविर में हेल्मेट और सर्टिफिकेट के अलावा गारंटी कार्ड दिया जाएगा, जिसे दिखाकर प्रदेश के किसी भी ब्लड बैंक से मरीज के लिए ब्लड ले सकेंगे। यह भी बताया गया कि थैलेसीमिया पीड़ितों को मिलने वाला डेसीराक्स टेबलेट की सरकारी सप्लाई पिछले आठ माह से बंद है। 1600 कीमत की ये दवा गरीब परिवारों को खरीदना मुमकिन नही है। इनके लिए दवा की भी व्यवस्था की जाएगी।
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