बिलासपुर। जब अन्य शासकीय कार्यालयों, विभागों एवं संस्थानों में उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से सुरक्षित एवं नियंत्रित रूप से की जा रही है, तब शिक्षकों को उनकी व्यक्तिगत मोबाइल डिवाइस एवं निजी मोबाइल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए बाध्य करना पूर्णतः अनुचित, असंगत एवं अव्यावहारिक है।
व्यक्तिगत मोबाइल का उपयोग न केवल शिक्षकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है, बल्कि इससे मोबाइल नंबर, लोकेशन, ओटीपी एवं अन्य संवेदनशील डेटा के दुरुपयोग की गंभीर संभावना भी उत्पन्न होती है। इसके कारण शिक्षकों को साइबर फ्रॉड, आर्थिक क्षति एवं मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
यह उल्लेखनीय है कि शिक्षकों को न तो इसके लिए किसी प्रकार की साइबर सुरक्षा गारंटी, न ही तकनीकी संरक्षण एवं न ही किसी संभावित नुकसान की स्थिति में विभागीय जिम्मेदारी का स्पष्ट आश्वासन दिया गया है। ऐसी स्थिति में व्यक्तिगत संसाधनों का जबरन उपयोग कराना शिक्षकों की गरिमा, आत्मसम्मान एवं सुरक्षा के विरुद्ध है।
अतः यह पूर्णतः न्यायसंगत है कि या तो शिक्षकों के लिए कार्यालय स्तर पर सुरक्षित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली उपलब्ध कराई जाए, अथवा ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल स्थगित किया जाए। भूपेंद्र सिंह बनाफर प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षक कल्याण संघ


