गरियाबंद – राजिम भक्तिन माता जंयती महोत्सव आज मनाई जाएगी।
गरियाबंद – साहु समाज के जागरूक युवक एवं सामाजिक कार्यकर्ता ग्राम फुलझर घटारानी जिला गरियाबंद निवासी श्री योगेश्वर साहु ने बताया राजिम भक्तिन माता जंयती पुरे छत्तीसगढ़ में आज मनाई जा रही है।
राजिम भक्तिन माता मंदिर छत्तीसगढ़ के राजिम में स्थित है,जो महानदी के तट पर एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है और छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाता है, यहां मंदिर महानदी में मिली मूर्ति और भक्तिन माता त्याग और तपस्या की स्मृति है, जिनकी जंयती 7 जनवरी को मनाईं जाती है, और यह साहु तेली समाज की आराध्या देवी है, जहां हर साल विशाल मेला लगता है।
राजिम, गरियाबंद जिला छत्तीसगढ़ महानदी पैरी सोढढुर नदियों के संगम पर स्थित है। इतिहास – भक्तिन माता राजिम जो एक तेलिन थी,की असीम श्रद्धा और तपस्या से यह स्थान प्रसिद्ध हुआ, उन्होंने भगवान राजीव लोचन की सेवा की और बाद में मंदिर के पास समाधि ली।
राजीव लोचन मंदिर परिसर में भक्तिन माता का मंदिर है, जहां वे सती हुई थी, और आज भी उनके त्याग को याद किया जाता है। यह स्थान छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाता है यहां माघ पुर्णिमा से महाशिवरात्रि तक एक बड़ा मेला राजिम मेला लगता है जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं।
पौराणिक कथा – मान्यता है की भक्तिन माता ने राजा जगतपाल को भगवान राजिम लोचन की सिद्ध मूर्ति द्वार पर ध्यान लगाकर मोक्ष प्राप्त किया और सती हो गई जिससे उनके नाम पर इस स्थान का नाम राजिम पड़ा।
ग्रामीण साहु समाज द्वारा भक्तिन माता राजिम जंयती महोत्सव दिनांक 22/01/26 – दिन गुरुवार को ग्राम फुलझर घटारानी में मनाया जाएगा।आप सभी प्रदेश वासियों को भक्तिन माता राजिम जंयती की हार्दिक शुभकामनाएं। योगेश्वर साहु,फुलझर घटारानी जिला गरियाबंद छत्तीसगढ़।


