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​प्रांतीय महासभा में पेंशन के लिए पूर्व सेवा गणना की मांग हुई बुलंद।

शिक्षकों के पेंशन की मांग को मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा – विधायक पुरन्दर मिश्रा

महासभा में शिक्षामंत्री के टीईटी को लेकर दिए गए बयान का हुआ स्वागत

​रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा रायपुर में प्रांतीय महासभा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर उत्तर विधानसभा के माननीय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने की। इस महासभा में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों और शिक्षकों ने “प्रथम नियुक्ति से पेंशन” की एक सूत्रीय मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी।

*​विधायक ने दिया आश्वासन*
​मुख्य अतिथि श्री पुरंदर मिश्रा जी ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे पेंशन संबंधी इन जायज मांगों को माननीय मुख्यमंत्री महोदय तक पहुँचाएंगे। उन्होंने शीघ्र ही एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री जी से कराने का भी भरोसा दिलाया।

​प्रमुख मांगें और बिंदु-

​प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्य अतिथि को मांग पत्र सौंपते हुए सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों की जीरो पेंशन व्यवस्था की व्यथा साझा की। मांग पत्र में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया गया-

​प्रथम नियुक्ति से गणना- वर्तमान में पेंशन हेतु सेवा अवधि की गणना संविलियन तिथि (1 जुलाई 2018) से की जा रही है, जिससे 2028 से पहले सेवानिवृत्त होने वाले एलबी संवर्ग के शिक्षक पुरानी पेंशन से वंचित हो रहे हैं। अतः पुरानी पेंशन के लिए पूर्व सेवा (प्रथम नियुक्ति) की गणना की जाए।

​20 वर्ष में पूर्ण पेंशन- भारत सरकार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 33 वर्ष के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन (अंतिम वेतन का 50%) का प्रावधान किया जाए।

​न्यायालय के निर्णयों का हवाला- माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न याचिकाओं (जैसे रमेश चंद्रवंशी एवं अन्य) में दिए गए निर्देशों का उल्लेख किया गया, जिसमें पेंशन को “स्थगित पारिश्रमिक” माना गया है और संविलियन से पूर्व की दीर्घकालीन सेवाओं को नजरअंदाज न करने की बात कही गई है।

इन आधारों पर पूर्व सेवा अवधि को पेंशन योग्य सेवा मानते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन की गणना किया जावे। शिक्षकों की सेवा अवधि 65 वर्ष तक किए जाने, प्रदेश भर के शिक्षकों को क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान प्रदान करने, प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक मिडिल स्कूल, शिक्षक, प्रधान पाठक प्राथमिक स्कूल के पदों पर पदोन्नति करने, विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने, विभागीय डीएड व बीएड परीक्षा की व्यवस्था करने की मांगों पर कार्ययोजना बनाते हुए विशेष मंथन प्रदेश भर के प्रांतीय पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारी व संकुल पदाधिकारी ने की है, साथ में इन विषयों की प्राप्ति के लिए निरंतर रणनीति आधारित कार्य करने का निर्णय लिया गया है।

*महासभा में शिक्षामंत्री के टीईटी को लेकर दिए गए बयान का हुआ स्वागत*

स्कूल शिक्षामंत्री जी ने अपने बयान में कहा है कि सरकार टीईटी के मामले का रास्ता निकालेगी, शिक्षकों की मांग पर पूरी गंभीरता के साथ विचार हो रहा है। हम किसी का नुकसान नही होने देना चाहते, विभाग में इसे लेकर विचार – विमर्श हो रहा है।

महासभा में शिक्षामंत्री जी के बयान को सकारात्मक बताते हुए स्वागत किया गया।

*विभागीय डीएड / बीएड परीक्षा पर हुई चर्चा*
सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता जो केवल डीएड या समकक्ष योग्यता रखते हैं, उन सभी के लिए एनसीटीई के नियमानुसार कोर्स निर्धारण कर 6 माह के बीएड कोर्स शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।

इस हेतु छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ओपन बोर्ड से बीएड पत्राचार का अनुबंध कर संपर्क क्लास पूर्ण कर शीघ्र बीएड पाठ्यक्रम पूर्ण कराया जावे।

​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
​महासभा में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, सहित बड़ी संख्या में प्रदेश व जिला पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ और आईटी सेल के सदस्य उपस्थित थे।

जिला गरियाबंद से जिला अध्यक्ष परमेश्वर निर्मलकर ,प्रांतीय पदाधिकारी, विनोद सिंहा , पुरन लाल साहू, गिरीश शर्मा भुवन लाल यदू ,सुरेशकेला , ब्लॉक अध्यक्ष जितेन्द्र सोनवानी,हुलस साहू ,संतोष साहू ,धवलेश्वर बेहरा , सचिव संजय यादव महेन्द्र प्रधान ,किरण साहू ,जमशीर कुरैशी ,दिनेश निर्मलकर ,हरिश्चन्द्र यदू ,रायबल सोरी ,खगेश नागेश , डगेश्वर ध्रुव ,बल राम बंजारे ,कृपया राम बघेल ,राजेश साहू ,मानिक राम साहू ,चेतन ध्रुव ,कमल किशोर ध्रुव सहित सैकड़ों पदाधिकारी शामिल थे।

 

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