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केंद्र में 63%, छत्तीसगढ़ में नवंबर से 60% DA; देरी पर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने उठाए सवाल
केंद्र के मुकाबले राज्य कर्मचारियों को अब भी 3 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता, जनवरी और जुलाई 2026 की देय तिथि से एरियर भुगतान की मांग

गरियाबंद। महंगाई भत्ते (DA) को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार के कर्मचारियों के बीच अंतर लगातार बना हुआ है। केंद्र सरकार जहां अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत (DA/DR) दे रही है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। राज्य में बढ़ी हुई दर 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद भी केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की देरी और एरियर भुगतान को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, गरियाबंद ने सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग की है।
जनवरी से केंद्र में 60%, जुलाई से 63% DA
फेडरेशन के महासचिव बसंत त्रिवेदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद 1 जुलाई 2026 से इसमें 3 प्रतिशत की और वृद्धि करते हुए इसे 63 प्रतिशत कर दिया गया।
वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 अक्टूबर को जारी वित्त निर्देश के माध्यम से राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों का महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का आदेश जारी किया है, जो 1 नवंबर 2026 से लागू होगा।
देरी से DA बढ़ने पर कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान
बसंत त्रिवेदी ने कहा कि महंगाई का असर केंद्र और राज्य दोनों के कर्मचारियों पर समान रूप से पड़ता है। बाजार में वस्तुओं की कीमतें सभी के लिए एक समान हैं, फिर महंगाई भत्ते के लाभ में इतना अंतर क्यों रखा जा रहा है?
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार जनवरी से 60 प्रतिशत और जुलाई से 63 प्रतिशत DA/DR दे रही है, तो राज्य सरकार को भी उसी देय तिथि से इसका लाभ देना चाहिए था। राज्य में नवंबर से बढ़ोतरी लागू होने के कारण कर्मचारियों को पिछली अवधि का आर्थिक लाभ नहीं मिल पाएगा, यदि सरकार देय तिथि से एरियर स्वीकृत नहीं करती है।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से 63% DA की मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी से प्रमुख रूप से दो मांगें रखी हैं।
राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत स्वीकृत किया जाए।
जनवरी 2026 और जुलाई 2026 की देय तिथियों से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ देते हुए लंबित एरियर का भुगतान किया जाए।
महंगाई भत्ता कर्मचारियों का मौलिक अधिकार
फेडरेशन ने कहा कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है और इसे समय पर प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी अपने वीडियो संदेश में महंगाई भत्ते को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार बताया था।
अब देखना होगा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और क्या छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी केंद्र के समान 63 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिल पाता है।

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