बिना एरियर्स डीए देने की घोषणा से कर्मचारियों में नाराजगी, शिक्षक कर्मचारी संघ ने जताया विरोध
2% महंगाई भत्ता भी 1 नवंबर से देने पर उठाए सवाल, देय तिथि से डीए देने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों की नाराजगी सामने आई है। छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री द्वारा मात्र 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और उसे भी 1 नवंबर से लागू करने की घोषणा की तीव्र आलोचना की है। संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ता उसकी वास्तविक देय तिथि से दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
जनवरी 2026 से मिलना चाहिए था 2% डीए
छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से दिया जाना चाहिए था। वहीं, शेष 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2026 से दिया जाना चाहिए था। लेकिन सरकार ने देय तिथि से महंगाई भत्ता देने के बजाय 1 नवंबर से 2 प्रतिशत डीए देने की घोषणा की है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है।
दीपावली पर भी कर्मचारियों को निराशा
प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी राज्य के कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को उनकी अपेक्षा के अनुरूप राहत नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई भत्ते की घोषणा में देय तिथि से लाभ नहीं देना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में कर्मचारी पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में महंगाई भत्ते की राशि में कटौती के साथ-साथ एरियर्स का लाभ नहीं मिलना उनकी नाराजगी को और बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री से घोषणा पर पुनर्विचार की मांग
छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री से अपनी घोषणा पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जनवरी 2026 और जुलाई 2026 की देय तिथियों के अनुसार महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाना चाहिए।
संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को केवल डीए की घोषणा नहीं, बल्कि देय तिथि से उसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। अब देखना होगा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की इस मांग पर क्या निर्णय लेती ह


