छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: अब कैशलेस होगा इलाज! जानिए किसे मिलेगा लाभ और कैसे बनेगा ई-हेल्थ कार्ड
रायपुर | दखल l छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और उनके पात्र आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की प्रस्तावित योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को इलाज के दौरान अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करने और बाद में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी से राहत दिलाना है।
राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार, पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित पैकेज दरों पर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए ई-हेल्थ कार्ड, अस्पतालों का पंजीयन और ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं।
योजना से संबंधित दस्तावेज में इसकी रूपरेखा, पात्रता, अस्पतालों की व्यवस्था और वित्तीय प्रावधानों का विवरण दिया गया है।
📌 किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
प्रस्तावित योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2013 के अनुसार पात्र शासकीय सेवक और उनके पात्र आश्रित परिवारजन लाभ ले सकेंगे।
लाभार्थियों की पात्रता का सत्यापन कर्मचारी की एम्प्लॉयी आईडी और परिवार के आश्रित सदस्यों के आधार कार्ड के आधार पर किया जाएगा। संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद पात्र लाभार्थियों का ई-हेल्थ कार्ड पंजीकृत किया जाएगा।
🏥 सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज
दस्तावेज के अनुसार, वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 134 निजी अस्पताल और राज्य के बाहर 64 निजी अस्पताल मान्यता प्राप्त बताए गए हैं। योजना के अंतर्गत पात्रता और आवश्यकता के अनुसार नए अस्पतालों को भी पंजीकृत किया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत अनुबंधित अस्पतालों को इस योजना के लिए स्वतः सूचीबद्ध मानने का प्रावधान प्रस्तावित है।
💳 कैसे मिलेगा कैशलेस उपचार का लाभ?
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उपचार की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
- ई-हेल्थ कार्ड: पात्र कर्मचारी और उनके आश्रितों का सत्यापन कर ई-हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा।
- अस्पताल में उपचार: लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पताल में ई-हेल्थ कार्ड के माध्यम से उपचार प्राप्त कर सकेंगे।
- बायोमेट्रिक सत्यापन: अस्पताल में लाभार्थी का बायो-ऑथेंटिकेशन किया जाएगा।
- प्री-अथॉराइजेशन: निर्धारित पैकेज के अनुसार उपचार के लिए ऑनलाइन पूर्व स्वीकृति ली जाएगी।
- अस्पताल को भुगतान: उपचार के बाद अस्पताल ऑनलाइन ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (TMS) के माध्यम से क्लेम प्रस्तुत करेगा। आवश्यक परीक्षण के बाद भुगतान किया जाएगा।
इस व्यवस्था में निर्धारित और स्वीकृत सेवाओं के लिए लाभार्थी को अस्पताल में भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
💰 इलाज की दरें कैसे होंगी निर्धारित?
दस्तावेज के अनुसार, उपचार की दरें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2013 के नियम-8 के तहत केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) की निर्धारित एवं अद्यतन पैकेज दरों के अनुसार तय की जाएंगी।
इससे अस्पतालों को निर्धारित पैकेज के आधार पर भुगतान करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
📊 योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
दस्तावेज में दिए गए वित्तीय विवरण के अनुसार, चिकित्सा प्रतिपूर्ति मद में राज्य शासन का वार्षिक व्यय लगभग 220 से 230 करोड़ रुपये अनुमानित है। वहीं, क्लेम प्रोसेसिंग, आईटी प्लेटफॉर्म और प्रशासनिक प्रबंधन के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत का अनुमान लगाया गया है।
दस्तावेज के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए राज्य शासन ने 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
📞 शिकायत होने पर कहां करें संपर्क?
प्रस्तावित योजना में लाभार्थियों और अस्पतालों की शिकायतों के समाधान के लिए निःशुल्क कॉल सेंटर और ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था का उल्लेख है। अस्पताल में उपचार, पंजीयन और भुगतान से जुड़ी शिकायतों के निराकरण का प्रावधान किया गया है।
योजना के क्रियान्वयन के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को नोडल विभाग बनाए जाने की बात भी दस्तावेज में कही गई है।
🔎 वर्तमान व्यवस्था और प्रस्तावित व्यवस्था में क्या होगा बदलाव?
वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारी को सामान्यतः पहले इलाज का खर्च स्वयं वहन करना पड़ता है। इसके बाद चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए बिल और अन्य दस्तावेज जमा करने होते हैं।
इसके विपरीत, प्रस्तावित कैशलेस व्यवस्था में सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित पैकेज के तहत सीधे उपचार और अस्पताल को भुगतान की व्यवस्था होगी। इससे कर्मचारियों को इलाज के लिए तत्काल बड़ी रकम जुटाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
⚠️ महत्वपूर्ण बात: योजना लागू होने की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी
यहां ध्यान देने वाली बात है कि उपलब्ध दस्तावेज में कैशलेस चिकित्सा सुविधा की प्रस्तावित व्यवस्था का विवरण दिया गया है। केवल इस दस्तावेज के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि योजना पूरी तरह लागू हो चुकी है या सभी पात्र कर्मचारी अभी से इसका लाभ ले सकते हैं।
योजना के वास्तविक क्रियान्वयन, ई-हेल्थ कार्ड पंजीयन और अस्पतालों में सुविधा शुरू होने की तारीख के संबंध में शासन के आधिकारिक आदेश और दिशा-निर्देशों की पुष्टि आवश्यक होगी।
दखल l छत्तीसगढ़ | जनहित में जारी


