विभागीय टीईटी पर सहमति शिक्षक साझा मंच की बड़ी जीत, अब वेतन विसंगति के साथ पूर्व सेवा गणना कर समस्त लाभ पर होगा अगला आंदोलन
रविन्द्र राठौर, प्रदीप पांडेय और विकास राजपूत बोले—शिक्षक एकता से मिली सफलता, अगले संघर्ष के लिए रहें तैयार
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026।
छत्तीसगढ़ में सेवारत गैर-टीईटी शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी आयोजित करने के प्रस्ताव पर शासन की सहमति को शिक्षक साझा मंच ने अपने संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। शासन के 21 अक्टूबर के पत्र के अनुसार, परीक्षा वर्ष में न्यूनतम दो बार CBT पद्धति से आयोजित कराने पर सहमति दी गई है। हालांकि, परीक्षा की तारीख और विस्तृत आदेश जारी होना बाकी है।
शिक्षक साझा मंच ने प्रदेश के शिक्षक संवर्ग से आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। मंच का अगला लक्ष्य वेतन विसंगति का समाधान और पूर्व सेवा गणना के आधार पर समस्त सेवा लाभ सुनिश्चित कराना है।
रविन्द्र राठौर ने कहा—संघर्ष जारी रहेगा
रविन्द्र राठौर ने कहा, “विभागीय टीईटी पर शासन की सहमति शिक्षक साझा मंच के निरंतर संघर्ष और शिक्षक एकता की बड़ी उपलब्धि है। हमने लगातार शासन, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष शिक्षकों की मांग रखी। अब हमारी अपेक्षा है कि जल्द अंतिम आदेश जारी कर परीक्षा की प्रक्रिया शुरू की जाए। शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
प्रदीप पांडेय बोले—एकता से मिली सफलता
प्रदीप पांडेय ने कहा, “यह सफलता बताती है कि शिक्षक एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। विभागीय टीईटी पर सहमति के बाद अब सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और प्रथम नियुक्ति से पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्नति, पेंशन सहित सभी सेवा लाभ दिलाने की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा।”
विकास राजपूत ने किया एकजुट रहने का आह्वान
विकास राजपूत ने कहा, “टीईटी के मुद्दे पर मिली प्रगति संघर्ष का पड़ाव है, मंजिल नहीं। सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति और पूर्व सेवा गणना का मामला भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जब तक शिक्षकों को उनके अधिकारों के अनुरूप लाभ नहीं मिलते, तब तक सभी शिक्षक संगठित रहें और आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहें।”
शिक्षक साझा मंच के संचालक जाकेश साहू और लैलून भारद्वाज़ ने स्पष्ट किया कि विभागीय टीईटी पर शासन की सहमति के बाद अब प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना तथा क्रमोन्नति, पेंशन सहित समस्त सेवा लाभ दिलाने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सभी शिक्षकों को एक मंच में लाने का प्रयास करते हुए कहा कि शिक्षकों से एकजुट रहने और आगामी संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की


