स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा घोषित अवकाशों में कटौती से शिक्षकों में गहरा असंतोष
फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र; दशहरा, दीपावली व *शीतकालीन अवकाश बढ़ाने की पुरजोर मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए जारी की गई अवकाश तालिका को लेकर प्रदेशभर के शिक्षक संवर्ग में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। दशहरा, दीपावली एवं शीतकालीन अवकाश में की गई अत्यधिक कटौती को पूरी तरह अव्यावहारिक बताते हुए फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र प्रेषित कर तत्काल अवकाश दिवसों में बढ़ोतरी करने की पुरजोर मांग की है।
त्योहारों पर मात्र 5-5 दिन का अवकाश अत्यंत अव्यावहारिक
फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति और जनजीवन में दशहरा तथा दीपावली सबसे बड़े, पारंपरिक और सामाजिक महत्व के पर्व हैं। प्रदेश के दूर-दराज, ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपने गृहग्राम पहुंचने और पर्व मनाकर वापस अपने कार्यस्थल पर लौटने में ही एक से दो दिन का लंबा समय लग जाता है। ऐसे में मात्र पांच-पांच दिनों की सीमित छुट्टी मिलने से शिक्षक अपने परिवारों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक उत्सवों में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। यह स्थिति शिक्षकों के साथ-साथ अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए भी अत्यधिक भागदौड़ भरी और मानसिक तनाव पैदा करने वाली साबित होगी।
परंपरागत रूप से अधिक अवकाश देने की रही है व्यवस्था
पत्र के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित कराते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि विगत वर्षों में राज्य शासन द्वारा दशहरा व दीपावली जैसे पावन त्योहारों पर न्यूनतम 6 से 7 दिनों का अवकाश घोषित करने की सुदृढ़ परंपरा रही है। वर्तमान आदेश में की गई अप्रत्याशित कटौती से समूचा शिक्षक समुदाय स्वयं को उपेक्षित और आहत महसूस कर रहा है। सामाजिक, पारिवारिक और सांस्कृतिक सरोकारों के निर्वहन हेतु पर्याप्त समय मिलना प्रत्येक कर्मचारी और विद्यार्थी का स्वाभाविक अधिकार है, जिसकी वर्तमान अवकाश तालिका में पूरी तरह अनदेखी की गई है।
सहानुभूतिपूर्वक विचार कर तत्काल संशोधित आदेश जारी करने की मांग
फेडरेशन ने राज्य शासन से पुरजोर मांग की है कि शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की व्यावहारिक कठिनाइयों तथा पारंपरिक मान्यताओं को दृष्टिगत रखते हुए इस निर्णय पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार किया जाए। शासन से आग्रह है कि दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश के दिवसों में तत्काल आवश्यक बढ़ोतरी करते हुए संशोधित आदेश जारी किया जाए, ताकि शिक्षक संवर्ग अपने सामाजिक व पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन सुगमता से कर सकें।


