रायपुर: रायपुर जिले के अटारी गांव स्थित नंदनवन को अब एक नए और आकर्षक स्वरूप में पुनर्विकसित किया जाएगा। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव श्री विकासशील के समक्ष नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित परियोजना का प्रस्तुतिकरण दिया।
’परियोजना की मुख्य बातें’
नंदनवन के कायाकल्प और विकास कार्य में लगभग 50 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है। पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (च्च्च्) मॉडल के तहत यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (च्च्च्) मॉडल पर आधारित होगी। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से पुनर्जीवित और विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने परियोजना में पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जन-सुविधाएं विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव द्वारा दिए गए समीक्षा बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, छत्क्। के सीईओ श्री चंदन कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


