Breaking News

सायबर ठगी : शिक्षक हुआ ठगी का शिकार ,वेरिफिकेशन के नाम पर दो लाख की ठगी,दसदिन बाद खबर लगने पर किया एफआईआर

क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन करने का झांसा देकर साईबर ठगों ने शिक्षक के एफडी और बैंक खाते से 2 लाख 2 हजार 619 रूपये निकाले, ठग इतने शातिर कि शिक्षक के मोबाइल नंबर को हैंग कर दिए जिसके कारण 5 बार एटीएम से रूपये निकालने के बावजूद भी शिक्षक के मोबाइल में मैसेज नहीं आया, शिक्षक को अपने साथ हुए ठगी का पता 10 दिन बाद चला

पेण्ड्रा /
क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन करने का झांसा देकर साईबर ठगों ने शिक्षक के एफडी और बैंक खाते से 2 लाख 2 हजार 619 रूपये निकाल लिए। ठग इतने शातिर थे कि उन्होंने शिक्षक के मोबाइल नंबर को हैंग कर दिया था जिसके कारण 5 बार एटीएम से रूपये निकालने के बावजूद भी शिक्षक के मोबाइल नंबर पर मैसेज नहीं आने से शिक्षक को अपने साथ हुए ठगी का पता 10 दिन बाद चला। इस मामले में जीपीएम जिला साईबर ब्रांच के द्वारा मामले को ट्रांसफर करने के बाद मरवाही थाने में अज्ञात ठग के विरुद्ध धारा 420 का अपराध दर्ज कर लिया गया है।

ग्राम निमधा थाना मरवाही निवासी तथा शासकीय प्राथमिक शाला करसीवा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ दिलीप जायसवाल पिता मथुरा प्रसाद जायसवाल के मोबाइल नंबर पर दिनांक 05.12.2023 को अज्ञात मोबाईल धारक के द्वारा मोबाईल नंबर 8649869045, 8929178717 से फोन कर क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन करना बोलकर आधारकार्ड, पेनकार्ड नंबर, ईमेलआईडी, जन्म तारीख तथा बचत खाता नंबर तथा ओटीपी बताना पड़ेगा कहा गया। जिसके बाद शिक्षक दिलीप जायसवाल ने उक्त जानकारी दिया तो उसके साथ 2,02,619 रूपये का धोखाधडी कर लिया गया।

शिक्षक दिलीप जायसवाल से फर्जी मोबाईल नंबर 8649869045, 8929178717 के धारक द्वारा उनके मोबाईल नंबर 6260452766 पर फोन कर उनके बैंक क्रेडिट कार्ड नंबर 4035621579035001 से 99996/- रूपये तथा खाता नंबर 784801500247 से 1,02,623.80 रूपये निकाल लिए गए। खाता आईसीआईसीआई बैंक शाखा पेण्ड्रा में है। दिलीप जायसवाल ने खाता नंबर 784801500247 से एक लाख रूपये का फिक्स डिपोजिट कराया हुआ था और आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड भी लिया था। अज्ञात साईबर ठग ने शिक्षक को फोन कर बोला कि वो आईसीआईसीआई बैंक शाखा का कस्टमर केयर अधिकारी बोल रहा है। उसने क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन करने के लिए फोन लगाया है। जिसके बाद शिक्षक ने अपना आधार कार्ड, पेनकार्ड नंबर, ईमेलआईडी, जन्म तारीख तथा बचत खाता नंबर तथा ओटीपी साईबर ठग को बता दिया। कुछ समय बाद साईबर ठग का फोन आया कि आपका क्रेडिटकार्ड वेरिफिकेशन हो गया है।

इसके बाद दिनांक 16.12.2023 को शिक्षक दिलीप जायसवाल ने बैंक जाकर अपना बैलेंस चेक कराया तो पता चला कि उसके क्रेडिट कार्ड लिमिट तथा बचत खाता में किये फिक्स डिपोजिट रुपए खाता में नहीं था, तब उसे अहसास हुआ कि उसके साथ सायबर फ्राड हुआ है। इस घटना की शिकायत दिलीप जायसवाल साईबर शाखा में तत्काल दर्ज कराया था, जिसपर साईबर शाखा जांच कर रही है। साईबर शाखा को मिले शिकायत के स्थानांतरण के बाद अब मरवाही थाने में अज्ञात ठग के विरुद्ध अपराध दर्ज कर जांच किया जा रहा है।

alternatetext
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

The Latest

To Top

You cannot copy content of this page

$(".comment-click-43272").on("click", function(){ $(".com-click-id-43272").show(); $(".disqus-thread-43272").show(); $(".com-but-43272").hide(); });
$(window).load(function() { // The slider being synced must be initialized first $('.post-gallery-bot').flexslider({ animation: "slide", controlNav: false, animationLoop: true, slideshow: false, itemWidth: 80, itemMargin: 10, asNavFor: '.post-gallery-top' }); $('.post-gallery-top').flexslider({ animation: "fade", controlNav: false, animationLoop: true, slideshow: false, prevText: "<", nextText: ">", sync: ".post-gallery-bot" }); }); });
Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/dakhalchhattisga/public_html/wp-includes/functions.php on line 5373