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    रायपुर। राज्य सरकार ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों कें आधार पर नौकरी कर रहे कर्मचारियों कें जांच के आदेश दिये हैं।माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन प्रकरण क्रमांक Writ Petition (PIL) 36/2023 छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन सेवा संघ विरूद्ध छत्तीसगढ़ शासन एवं 14 अन्य में पिटिशन में उल्लेखित 18 शासकीय सेवक जिनके विरूद्ध आरोप हैं कि वे गलत / फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। संबंधितों के विभाग द्वारा दिव्यांगता की पुष्टि हेतु पुनः मेडिकल बोर्ड से जांच कराया जावे। इस हेतु सचिव छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग द्वारा इन 18 शासकीय सेवकों के मूल विभाग तथा आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र प्रेषित किया
    जाये।
    2/ दिनांक 1 जनवरी 2019 के पश्चात् नियुक्त हुए समस्त शासकीय सेवक जो
    दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत हैं, के शारीरिक परीक्षण
    उपरांत दिव्यांग प्रमाण-पत्रों की नियमानुसार मेडिकल बोर्डों से पुनः जांच कराई जाये।
    प्रत्येक विभाग / कार्यालयों में कार्यरत शासकीय सेवक जिनके विरूद्ध गलत / फर्जी
    दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त किये जाने की शिकायत हुई
    है के संबंध में नियमानुसार उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच / सत्यापन कराया
    जाये।
    3/ भारत सरकार द्वारा विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यू.डी.आई.डी.)
    परियोजना का संचालन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत दिव्यांगजनों को ऑनलाईन
    दिव्यांगता प्रमाण पत्र / यूनिक डिसेबिलिटी आई. डी. बनाया जा रहा है। भविष्य में विभिन्न
    शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं / शासकीय सेवा में भर्ती हेतु विशिष्ट दिव्यांगता
    पहचान पत्र (यूडीआईडी) अनिवार्य किया जाता है।
    4/
    शासकीय सेवा में नियुक्ति के पूर्व संबंधित मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग प्रमाण
    पत्र/यूडीआईडी कार्ड का परीक्षण / सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाये।

    5/
    अनुवर्तन
    जाये।नियुक्ति के समय दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 91 के
    में दिव्यांग कोटे के अभ्यर्थियों से घोषणा पत्र (स्वयं) अनिवार्य रूप से लिया
    6/
    फर्जी / गलत दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत हैं,
    के दिव्यांग प्रमाण पत्र की मेडिकल बोर्ड द्वारा गलत करार दिये जाने पर उनके
    बर्खास्तगी की प्रक्रिया के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति प्राप्त कर
    नोडल विभाग ( समाज कल्याण विभाग ) द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया जावे।
    7/ कृपया उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें।

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