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बड़ी खबर : सरकार के जवाब और शिक्षा सचिव के शपथपत्र में भिन्नता के चलते आगे बढ़ी सुनवाई , शिक्षकों के पदोन्नति पर पूर्णतः रोक फिलहाल किसी भी पद पर नहीं होगी पदोन्नति

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 40 हजार शिक्षकों के पदोन्नति पर लगी रोक के मामले में आज हाईकोर्ट की डिवीजन बैंच में सुनवाई हुई पदोन्नति पर स्टे आगामी 2नवंबर तक बढ़ गई है गत 16 सितंबर को शिक्षा सचिव एस भारती दासन ने कोर्ट में नया एफिडेविट प्रस्तुत किया जिसकी प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को दी गई याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने पूर्व में प्रस्तुत सरकार के जवाब और सचिव के शपथपत्र में दिये तर्क में भारी अंतर पाया जिस पर याचिका कर्ता अधिवक्ताओं ने न्यायालय से अपना जवाब देने और अध्ययन करने के लियॆ समय मांगा जिस पर न्यायालय ने आगामी 2नवंबर को अगली सुनवाई तय की याचिकाकर्ता शैलेश कुमार के अधिवक्ता अचल कुमार म्हात्रे ने दखल छत्तीसगढ़ को बताया की सरकार के द्वारा पूर्व में जो जवाब मामले पर फ़ाइल की गई है और 16 सितंबर को सचिव ने जो शपथपत्र प्रस्तुत किया है दोनों में विरोधाभास है इस लियॆ हमने अपनी तैयारी के लियॆ न्यायालय से अगली सुनवाई तिथि की मांग की न्यायालय ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओ के इस तर्क को स्वीकार कर 2नवंबर तक स्टे बढ़ा दी है।
पदोन्नति प्रक्रिया को शैलेश कुमार ने पदोन्नति नियम  2019 को चैलेंज किया है जिसमें one time relaxtion जिसमें 5साल को तीन साल किया गया है इस लियॆ सुनवाई पूरी होते तक रोक जारी रहेगी

प्रदेश में पदोन्नति पूरी प्रक्रिया बाधित रहेगी प्राथमिक प्रधान पाठक और ना यू डी टी किसी भी पद और किसी भी कैडर पर पदोन्नति नहीं हो सकती जो खबरें पदोन्नति की आ रही उन पर विराम लग गया है विभाग अपनी तैयारी कर सकती है परंतु पदोन्नति नहीं।